राम राज्याभिषेक पर पछुआबारा बना अयोध्या।
कामता नाथ सिंह
नसीराबाद,रायबरेली। छतोह ब्लॉक के बूढ़ी माता मंदिर पछुआबारा में चल रही नौदिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के समापन दिवस गुरुवार को सीता मैया की खोज,लंका दहन,रावण वध एवं श्रीराम राज्याभिषेक का प्रसंग सुनाया गया। अयोध्या धाम से पधारे सुप्रसिद्ध कथा वाचक पंडित धर्मेश हरि महाराज ने हनुमान जी द्वारा माता सीता की खोज, रावण के पुत्र अक्षय कुमार के वध और पूरी सोने की लंका जलाने की विस्तार से चर्चा की। विद्वान प्रवाचक ने राम-रावण युद्ध,लक्ष्मण को शक्ति लगने,हनुमान जी द्वारा संजीवनी लाने,रावण वध और विभीषण का लंका में राज्याभिषेक की कथा सुनाई।
उन्होंने बताया कि 14 वर्ष बाद अयोध्या लौटे श्रीराम का नगरवासियों ने भव्य स्वागत किया। शुभ मुहूर्त में गुरु वशिष्ठ ने श्रीराम का राज्याभिषेक कराया।रामराज्य की स्थापना के बाद अयोध्या वासी दैहिक,दैविक और भौतिक त्रिविध ताप से मुक्त हो गए।
मुख्य यजमान संतोष कुमार सिंह भदौरिया, श्रीमती रेखा सिंह,अंजनी कुमार त्रिपाठी, रमाशंकर प्रसाद,भीम कुमार मौर्य, सुरेंद्र बहादुर श्रीवास्तव,समरेंद्र बहादुर सिंह, रिंकू पांडेय आदि सैकड़ों लोगों ने श्री राम कथा सुनकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
कथा समापन पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।
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