भगवान राम से सीखें जीवन जीने की कला-धर्मेश जी।
नसीराबाद,रायबरेली। छतोह ब्लॉक के बुढ़िया माई मंदिर पछुआबारा में चल रही नौदिवसीय श्रीराम कथा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने लगी है।
अयोध्या धाम से पधारे प्रसिद्ध कथा व्यास पंडित धर्मेश हरि महाराज ने भगवान श्री राम और रावण के आचार,व्यवहार और चरित्र की तुलनात्मक व्याख्या करते हुए बताया कि शास्त्र सम्मत आचरण करने वाला देव और उसके विरुद्ध आचरण करने वाला ही राक्षस होता है। बच्चों को सुविधा से अधिक जरूरत संस्कार देने की है।भगवान राम का चरित्र आदर्श जीवन जीने की प्रेरणा देता है।
विद्वान प्रवाचक ने विवाह के बाद भगवान शिव और माता पार्वती के कैलाश प्रस्थान, उनके तेज से कार्तिकेय के जन्म और उनके द्वारा भयानक दैत्य तारकासुर के वध की कथा सुनाई।
मुख्य यजमान सन्तोष सिंह भदौरिया और श्रीमती रेखा सिंह ने भारत सिंह,प्रमोद कुमार यादव, दुर्गा सिंह,शुभेंदु सिंह,आयुष सिंह, पीयूष सिंह,शिवांश सिंह,वंशीलाल यादव, लाल जी मिश्र आदि सैकड़ों श्रद्धालुओं के साथ श्रीराम कथा सुनकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
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