तीखी धूप के बीच राहगीरों की बढ़ी परेशानी
मिर्जापुर। तपिश बढ़ने के साथ ही बिजली की आंख मिचौली से घरों में कैद लोगों की बेचैनी बढ़ गई है। तापमान धीरे-धीरे बढ़ता ही जा रहा है। शनिवार को अधिकतम तापमान 43 और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आसमान के आग बरसाती सूरज की किरणें और नीचे से तवे के समान तपती धरती और लू के थपेड़ों के बीच आम आदमी परेशान हो गया है। छाता लेकर और गमछा से चेहरा ढंक कर चलने के बावजूद चेहरा लाल हो जा रहा है। दोपहर में सड़कों पर सन्नाटे की स्थिति बनी रही। आफिस, अस्पताल, कचहरी जाने के लिए अधिवक्ता और स्कूल से छुट्टी होने के बाद बच्चे ही दोपहर में सड़क पर दिख रहे थे।बच्चों का सुबह सुबह सात से 12 बजे तक हो जरूर गया है, लेकिन छुट्टी के बाद घर जाने में सूरज की तल्ख धूप में पस्त हो जा रहे हैं। नगर क्षेत्र में नगर पालिका की ओर से सार्वजनिक स्थानों पर लगवाए गए वाटर कूलर राहगीरों के लिए सहारा बना है। बिजली कट जाने पर फ्रीज भी पानी ठंडा नहीं कर रहा है। मौसम विभाग की मानें तो रविवार को तापमान अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की संभावना है। इससे गर्मी और बढ़ेगी। सबसे अधिक परेशानी स्कूल के बच्चों को हो रही है। अभिभावक बच्चों को पहुंचाने के लिए सुबह पांच बजे ही उठ जा रहे हैं। महिलाओं को नाश्ता और लंच तैयार करने में स्कूल का समय हो जाता है। बच्चों को भी जल्दी उठना पड़ रहा है, जिससे उनकी नींद पूरी नहीं हो पा रही है। दोपहर में स्कूल से बच्चों को लाने में अभिभावकों को धूप का सामना करना पड़ रहा है।मिट्टी के घड़े की डिमांड में आई तेजीगर्मी तेवर कड़े होते ही मिट्टी के घड़े, सुराही की डिमांड में तेजी आ गई है। टोटी लगा मिट्टी के घड़े को आधुनिक पंसद लोगों के बीच खासी मांग है। रामबाग, बथुआ रोड, महुवरिया, पांडेयपुर रोड पर मिट्टी के घड़े और सुराही की दुकानें सजी हैं। सबसे अधिक टोटी लगा घड़ा और सुराही की मांग अधिक है। दुकानदारों ने बताया कि टोटी लगने से पानी निकालने में आसानी होती है। बाजार में 50 से लेकर 800 रुपये तक मिट्टी के घड़े बेचे जा रहे हैं।
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