परम् भजनानंदी सन्त थे ब्रह्मलीन स्वामी लोकेशनंद महाराज : महामंडलेश्वर स्वामी विज्ञानानंद सरस्वती महाराज

परम् भजनानंदी सन्त थे ब्रह्मलीन स्वामी लोकेशनंद महाराज : महामंडलेश्वर स्वामी विज्ञानानंद सरस्वती महाराज 
वृन्दावन।रतन छतरी-कालीदह रोड़ स्थित गीता विज्ञान कुटीर में ब्रह्मलीन संत स्वामी लोकेशानंद महाराज का स्मृति महोत्सव गीता विज्ञान पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी विज्ञानानंद सरस्वती महाराज (हरिद्वार/वृन्दावन) के पावन सानिध्य में अत्यन्त श्रद्धा एवं धूमधाम के साथ सम्पन्न हो गया।जिसके अंतर्गत ब्रह्मलीन संत स्वामी लोकेशानंद महाराज के चित्रपट का पूजन-अर्चन किया गया।साथ ही समस्त भक्तों-श्रद्धालुओं के द्वारा उन्हें पुष्पांजलि व भावांजलि अर्पित की गई।तत्पश्चात उनका षोडशी भंडारा हुआ।जिसमें संतों को भोजन प्रसाद ग्रहण कराकर उन्हें वस्त्र, बर्तन व दक्षिणा आदि वितरित की गई।
इस अवसर पर वेदान्त उपदेशक महामंडलेश्वर स्वामी विज्ञानानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी लोकेशनंद महाराज परम् भजनानंदी सन्त थे। वे अत्यन्त सहजता, सरलता, उदारता, परोपकारिता व त्याग की प्रतिमूर्ति थे।उन्होंने कई वर्षों तक वृन्दावन में रहकर गीता विज्ञान कुटीर में अपनी सेवाएं दीं।हम ब्रज मंडल की अधिष्ठात्री श्रीराधा रानी के चरणों में प्रार्थना करते हैं कि वे स्वामी लोकेशानंद महाराज को अपने निज धाम में वास दें।
इस अवसर पर प्रख्यात साहित्यकार "यूपी रत्न" डॉ. गोपाल चतुर्वेदी, सन्त प्रवर रामदास महाराज (अयोध्या), स्वामी हरिकेश ब्रह्मचारी महाराज, वरिष्ठ पत्रकार डॉ. राधाकांत शर्मा, रामवीर, विजय शास्त्री, स्वामी परमेश्वर दास महाराज आदि की उपस्थिति विशेष रही।

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