पीड़ित दुकानदार सतीश मोदनवाल की आंखों में डर और बेबसी साफ झलक रही है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले मजबूरी में उन्होंने सुगापाख गांव निवासी रामू पंडा से 50 हजार रुपये कर्ज लिया था। लेकिन यह कर्ज धीरे-धीरे एक ऐसे जाल में बदल गया, जिससे निकलना नामुमकिन हो गया। पैसे चुका दिए, फिर भी नहीं छूटा पीछा।
सतीश का कहना है कि उन्होंने मूल रकम चुका दी थी, लेकिन सूदखोर ने चक्रवृद्धि ब्याज जोड़कर रकम को कई गुना बढ़ा दिया। हर दिन नई मांग, हर दिन नया दबाव—यह सिलसिला लगातार चलता रहा।
वो रोज आता था और दिन भर की बिक्री जबरन उठा ले जाता। हम चुप रहते।
सोमवार की शाम सूदखोर फिर दुकान पर पहुंचा और संदूक से दिन भर की कमाई निकालकर चला गया। लेकिन हद तो तब हो गई जब मंगलवार को वह अपने साथियों के साथ फिर दुकान पर आ धमका।
दुकान में घुसकर जबरन पैसे निकालने लगा, विरोध करने पर सतीश के साथ बेरहमी से मारपीट की साथ ही दुकान का काउंटर तोड़ डाला, जाते-जाते जान से मारने की धमकी दी। यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई और देखते ही देखते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि सूदखोरी का यह धंधा लंबे समय से गरीबों का शोषण कर रहा है।
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