वहीं ग्रामीणों ने टीम को बताया कि चक बंदी होने से किसानो में गुट बंदी होगा, किसी को अच्छी भूमि मिलेगी तो वही किसी को खराब भूमि,इसी वज़ह से ग्राम पंचायत के लगभग 90% किसान इसका समर्थन नहीं किए और इसे अपने गाव में लागू नहीं होने देना चाहते है।बैठक के दौरान सैकड़ों ग्रामीणों ने चकबंदी नहीं कराने का फैसला लियाl
वही मड़िहान सहायक चकबंदी अधिकारी रामपोश ने बताया कि लगभग दो वर्ष से मटिहानी गांव में चकबंदी की प्रक्रिया की जा रही है।जहां कृषि योग्य कुल भूमि 1161.0104 हेक्टेयर है।किसानों की संख्या लगभग 1200 के ऊपर है।बैठक में लगभग 250 किसानों ने भाग लिया है।जिसकी रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजने की बात कही है।
मौके पर चकबंदी विभाग के लेखपाल विजयधर,कानूनगो राजेश तिवारी. ग्राम प्रधान संतोष कुमार मौर्य,तेज नारायन, ओमकेशवर मौर्य, आसिफ अली, जितेन्द्र मौर्य, पतंगी लाल,पूर्व ग्रामप्रधान रविशंकर, श्याम बलि, राम लक्ष्मण पाल,विजयमल काशी,गोविंद,राम दास, दीना मौर्य, शिव कुमारी, श्याम प्यारी, अमरावती, दुर्गावती, राम देई, सती पाल,आदि दर्जनों किसान मौजूद रहे।
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