निकुंजवासी बाबा गोपाल दास "लघु सखी" महाराज की स्मृति में हुआ सैकड़ों कंबलों का वितरण
वृन्दावन।प्रख्यात राधावल्लभीय संत निकुंजवासी बाबा गोपाल दास "लघु सखी" महाराज की पावन स्मृति में उनके परिवारी जनों के द्वारा संस्थापित बाबा गोपाल दास चैरिटेबल सोसाइटी,भटिंडा (पंजाब) व आसरा वेलफेयर सोसाइटी,
भटिंडा (पंजाब) के संयुक्त तत्वाधान में नगर के विभिन्न स्थानों पर अनेक सन्तों, निर्धनों व निराश्रितों को 100 से भी अधिक कंबल, लोई व शॉल आदि का वितरण बाबा महाराज के विशेष कृपा पात्र व प्रमुख समाजसेवी "यूपी रत्न" डॉक्टर गोपाल चतुर्वेदी, एडवोकेट के द्वारा किया गया।
श्रीनाभापीठ सुदामा कुटी के अध्यक्ष श्रीमज्जगद्गुरु द्वाराचार्य स्वामी सुतीक्ष्णदास देवाचार्य महाराज ने कहा कि निकुंजवासी बाबा गोपाल दास "लघु सखी" महाराज अत्यंत भजनानंदी व परम् वीतराग, निस्पृह, सहज व सरल संत थे।उनकी स्मृति हिमालय की चोटियों जैसी उज्जवल व धवल है।उनकी पावन स्मृति में उनके परिवारी जनों के द्वारा श्रीधाम वृंदावन में समय-समय पर जो विभिन्न सेवा प्रकल्प संचालित किए जाते हैं, उनकी जितनी भी प्रशंसा की जाए वो कम है। क्योंकि नर सेवा नारायण सेवा से कम नहीं है।
अखिल भारतीय निर्मोही बड़ा अखाड़ा रासमण्डल के श्रीमहंत लाडली शरण देवाचार्य महाराज ने कहा कि निकुंजवासी बाबा गोपाल दास "लघु सखी" महाराज अत्यंत सेवाभावी संत थे।उन्होंने कभी भी किसी भी वस्तु का संग्रह नहीं किया। पशु-पक्षियों को भोजन आदि कराना, साधु-संतों और निर्धनों व निराश्रितों की हर संभव सेवा करना उनका प्रमुख व्यसन था।उन्होंने आजीवन फक्कड़ रूप से रहते हुए एवं भगवद् भक्ति व समाज सेवा करते हुए अपना जीवन व्यतीत किया।उन जैसे फक्कड़ संतों का तो अब युग ही समाप्त होता चला जा रहा है।
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