समाजसेवी डॉ. शिवपूजन सिंह पटेल ने बताया कि 15 जून को एसडीएम मड़िहान को ज्ञापन देकर धरना-प्रदर्शन की अनुमति मांगी गई थी। प्लांट का काम प्रगति पर है, लेकिन स्थानीय बेरोजगार युवाओं को नौकरी न मिलने से व्यापक नाराजगी थी।एसडीएम ने बातचीत से मामला सुलझाने की सलाह दी थी।इसके बाद 25 जून को मड़िहान सीओ ऑपरेशन मोहम्मद फहीम कुरैशी और अडानी ग्रुप के लीगल एडवाइजर प्रमोद पाठक के साथ वार्ता हुई।वार्ता में कंपनी प्रतिनिधियों ने आश्वासन दिया कि जिन किसानों की भूमि अधिग्रहित हुई है, उनके परिवार से एक व्यक्ति को प्राथमिकता पर रोजगार दिया जाएगा।इसके अलावा क्षेत्र के बेरोजगार और योग्य स्थानीय युवाओं को भी नौकरी मिलेगी।कंपनी ने सभी योग्य लोगों का डाटा लेकर चरणबद्ध तरीके से नियुक्ति करने की बात कही है।समाजसेवी विकास यादव ने कहा कि प्रदूषण और अन्य समस्याएं झेलने के बाद स्थानीय लोगों का हक है कि उन्हें रोजगार मिले, ताकि लोग पलायन कर दिल्ली-मुंबई न जाएं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वेलस्पन थर्मल पावर प्लांट के समय किसानों की अधिग्रहित भूमि पर हर घर से एक नौकरी देने का एग्रीमेंट हुआ था, लेकिन अडानी मेगा पावर प्लांट के दोहरे रवैये के चलते स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार देने की बजाय बाहरियों को रखकर काम कराया जा रहा है।समाजसेवियों के साथ मौजूद सैकड़ों युवा ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि अगर कंपनी बाहरियों को ही रोजगार देगी तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
अडानी थर्मल प्लांट में स्थानीय युवाओं को रोजगार का आश्वासन,प्रस्तावित धरना टला* *हर घर से एक नौकरी के एग्रीमेंट का हवाला,कंपनी पर दोहरे रवैये का आरोप
मड़िहान क्षेत्र के ददरी में निर्माणाधीन अडानी थर्मल पावर प्लांट में स्थानीय युवाओं को रोजगार न मिलने से उपजे असंतोष के बाद प्रशासन के हस्तक्षेप पर मामला फिलहाल सुलझ गया है। 25 जून को प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन टाल दिया गया है।कंपनी ने स्थानीय लोगों को चरणबद्ध तरीके से नौकरी देने का आश्वासन दिया है।
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