नहरों के साथ सूख गया अफसरों की आंख का पानी।खून के आंसू रो रहा किसान।

नहरों के साथ सूख गया अफसरों की आंख का पानी।
खून के आंसू रो रहा किसान।
कामता नाथ सिंह 
नसीराबाद, रायबरेली।इस साल इन्द्र भगवान किसानों से रुष्ट हैं और वरुण देव भी।
उनके तेवर देखकर बिजली और नहर विभाग भी सहम से गये हैं। किसान करे तो क्या करे, न तो बरसात हो रही है, न नहरों में पानी है। बिजली का लो वोल्टेज कोढ़ में खाज सिद्ध हो रहा है।लगभग 95 प्रतिशत खेत खाली पड़े हैं और पानी के अभाव में धान की रोपाई नहीं हो पा रही है। किसानों के सामने रोटी का संकट खड़ा है। बरसात तो हो नहीं रही,सिंचाई विभाग भी चादर तानकर सो गया है  नहरों में पानी नहीं है। बिजली की आंख मिचौली जानलेवा होती जा रही है। लगातार 06 घंटे भी बिजली नहीं आती। जब आती भी है तो वोल्टेज लो होने के कारण नलकूप चल नहीं पाते। सलोन विधानसभा क्षेत्र के विधायक अशोक कुमार कोरी के लाख प्रयास और कांग्रेसियों के धरना प्रदर्शन और ज्ञापन देने के बावजूद बिजली व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो पा रहा है। कुल मिलाकर इस इलाके का किसान सर पर हाथ रखे आसमान को ताकता अपनी किस्मत पर खून के आंसू बहा रहा है।

0/Post a Comment/Comments

Stay Conneted

Programs & Facts