यही नहीं एक साथ हजारों नावों के घाट पर पहुंचने से शीतला धाम घाट पर तिल रखने का भी जगह नहीं मिला, जिससे भक्तों को चुनार के 12 पत्थर घाट के सामने मोटर वोट को लगाना पड़ा। अचानक उमड़ी भीड़ के चलते श्रद्धालुओं को और बड़ी समस्या का सामना करना पड़ा। गंगा में तीन से चार किलोमीटर रेत पड़ने से शीतला धाम पहुंचना आसान नहीं था। अठगवां गौड़ेर मेला में सड़क मार्ग के अलावा जलमार्ग से प्रत्येक वर्ष बड़ी संख्या भगत बधावा लेकर आते हैं। सोमवार को दो बजे भोर से ही कतार में खड़े होकर श्रद्धालु माता के दर्शन को बेताब रहे। धक्का-मुक्की के बीच मां का जयघोष करते हुए गर्भगृह में पहुंचकर मत्था टेक मनोकामना पूरी की। भीड़ इतना जबरजस्त थी कि पुलिस को नियंत्रित करने में पसीना छूट गया। सुरक्षा-व्यवस्था में कोतवाल विजय शंकर सिंह, इंस्पेक्टर अपराध शाखा सत्येंद्र कुमार यादव, चौकी प्रभारी अदलपुरा उप निरीक्षक कुमार संतोष मय पुलिस बल के साथ तैनात रहे।गड़बड़ा धाम में हजारों भक्तों ने किया दर्शन पूजनहलिया। बैशाख कृष्ण चतुर्थी पर गड़बड़ा धाम मां शीतला के दरबार में आस्थावान भक्तों ने हाजिरी लगाई। भक्तों ने मां के दर्शन-पूजन कर मन्नतें मांगी। सेवटी नदी में स्नान करने के बाद भोर में ही पुरुष-महिला अलग-अलग कतारों में लग गए। लंबी लाइन में खड़े भक्त मां की एक एक झलक पाने को बेताब रहे। अपनी बारी आने पर मंदिर में पहुंच कर दर्शन-पूजन कर पूण्य की कामना की। मंगला आरती के बाद थानाध्यक्ष राजीव कुमार श्रीवास्तव दलबल के साथ महिला पुरुषों-भक्तों को कतार खड़ा होकर दर्शन करने के निर्देश देते रहे। वहीं, महिला पुलिस गर्भगृह में दर्शन-पूजन के सहयोग में लगे रहे। शीतला मां की चरणों में श्रद्धालु नारियल, चुनरी, हलवा, पूरी, फल फूल और मिष्ठान लेकर मां के चरणों में भेंट कर अपनी मनोकामना पूर्ण किया। मंदिर पुजारी मंगल धारी मिश्र ने बताया कि लगभग दस हजार से अधिक भक्तों ने मां के दरबार में मत्था टेका।
दो लाख श्रद्धालुओं ने मां शीतला के दरबार में नवाया शीश
चुनार। क्षेत्र के अदलपुरा बड़ी शीतला धाम में दो दिवसीय अठगवां गौड़ेर मेले के अंतिम दिन सोमवार को आस्था का सैलाब उमड़ा। मंदिर से लगभग चार किलोमीटर दूर रोड ही नहीं गंगा के जलमार्ग में भी भक्तों के वाहनों, मोटरबोट, स्टीमर कि लंबी कतार लगा रहा। अनुमान के अनुसार लगभग दो लाख भक्तों ने शीतला माता का दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद लिया। अदलपुरा शीतला धाम से रुदौली तक लगभग चार किमी वाहनों की लंबी कतार लगा रहा। वहीं, गंगा के रास्ते (जलमार्ग) से आने वाले श्रद्धालुओं को तीन किलोमीटर दूर गंगा में अपने मोटरवोट, स्टीमर, नाव आदि खड़ा कर पैदल किसी तरह से भक्त धाम तक पहुंचे।
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