आपात स्थिति में हमेशा सतर्क रहना जरूरी: सीओ आपरेशन मड़िहान

पुलिस परिसर में अनुशासित वर्दीधारी जवानों के चेहरों पर दृढ़ संकल्प साफ झलक रहा था, जब आपात स्थितियों से निपटने की तैयारी का गंभीर अभ्यास कराया जा रहा था। क्षेत्र की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से सीओ आपरेशन सिखा भारती के नेतृत्व में दंगा नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन को लेकर विशेष प्रशिक्षण कराया गया।
प्रशिक्षण के दौरान जब थानाध्यक्ष बालमुकुंद मिश्र टियर गैस गन, लांग रेंज, शॉट रेंज, तकनीक, पंप एक्शन फायरिंग और दंगा नियंत्रण ग्रेनेड के सुरक्षित प्रयोग की बारीकियां समझा रहे थे, तब यह स्पष्ट हो रहा था कि यह अभ्यास केवल तकनीकी प्रशिक्षण नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और मानवता की पाठशाला है।
अधिकारियों ने जवानों को समझाया कि दंगा नियंत्रण में सबसे बड़ी शक्ति हथियार नहीं, बल्कि संयम और धैर्य है। टियर गैस गन का प्रयोग भीड़ को तितर-बितर करने के लिए अंतिम विकल्प के रूप में ही किया जाता है, ताकि किसी निर्दोष को अनावश्यक क्षति न पहुंचे। जवानों को यह भी सिखाया गया कि उग्र भीड़ के बीच निर्णय लेने का हर पल संवेदनशील होता है। एक छोटी चूक बड़ा परिणाम ला सकती है।
प्रशिक्षण मैदान में अनुशासन की गूंज थी, पर साथ ही संवेदनशीलता का संदेश भी। हर कदम पर यह दोहराया गया कि पुलिस का पहला कर्तव्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, लेकिन उससे भी बड़ा दायित्व जनता का विश्वास कायम रखना है। भीड़ को नियंत्रित करने की रणनीति, आपात स्थिति में त्वरित निर्णय लेने की प्रक्रिया और टीम समन्वय का व्यवहारिक अभ्यास कराया गया।
जवानों की आंखों में जहां कर्तव्य की कठोरता थी, वहीं दिल में समाज के प्रति करुणा भी स्पष्ट थी। प्रशिक्षण के दौरान वरिष्ठ उप निरीक्षक राजेश सिंह, बृजेश सिंह, सुरेन्द्र कुमार दूबे, विनोद कुमार, राम आशीष यादव, जितेंद्र, रामबली यादव सहित पूरी पुलिस टीम सक्रिय रही।
अभ्यास आने वाले हर संभावित संकट के प्रति सजग रहने का संकल्प था।
मड़िहान थाना परिसर में शनिवार को हुआ पुलिस प्रशिक्षण जवानों के लिए ताकत केवल हथियारों में नहीं, बल्कि उसके अनुशासन, संवेदनशीलता और समाज के प्रति समर्पण है। यही सतर्कता और यही तैयारी क्षेत्र में शांति, सौहार्द और सुरक्षा की मजबूत नींव है।

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