किसान दिवस में उठीं सड़क, नहर, खरीद और गौशाला की समस्याएं, डीएम ने दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश
मिर्जापुर। विकास भवन सभागार में आयोजित किसान दिवस में जिले भर से आए किसानों ने अपनी समस्याएं खुलकर रखीं। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार की अध्यक्षता में हुई बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसानों की शिकायतों का समाधान प्राथमिकता पर और पारदर्शिता के साथ किया जाए।
बैठक की शुरुआत उप कृषि निदेशक द्वारा पिछली किसान दिवस बैठक की कार्यवाही से अवगत कराने के साथ हुई। इसके बाद किसानों ने क्षेत्रीय समस्याओं को विस्तार से रखा। विकास खंड सदर के किसान श्यामलाल मौर्य ने आयुर्वेदिक चिकित्सालय के सामने गड्ढे और गंदे नाले की समस्या उठाई, साथ ही पंचतला होटल से शेरनाथ मंदिर तक जर्जर सड़क की ओर ध्यान दिलाया।
प्रदेश उपाध्यक्ष (कांग्रेस) दौलत सिंह ने चुनार तहसील के नियामतपुर कला, दर्रा, बघेड़ा, शेरपुर सहित कई गांवों में नालों पर अतिक्रमण का मुद्दा उठाते हुए चेतावनी दी कि समय रहते सफाई नहीं हुई तो बारिश में धान की फसल को नुकसान होगा। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के ओमप्रकाश सिंह ने गेहूं खरीद केंद्रों को सुचारू रूप से संचालित कराने की मांग की।
हलिया ब्लॉक की ग्राम प्रधान उपासना सिंह ने निर्माणाधीन गौशाला को जल्द पूरा कराने की जरूरत बताई, ताकि छुट्टा पशुओं से फसलों को बचाया जा सके। वहीं लालगंज के संतोष दूबे ने अदवा बैराज से मेजा डैम को जोड़ने वाली लगभग 10 किमी लंबी नहर की पटरी को सड़क में तब्दील करने की मांग रखी।
भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) के जिलाध्यक्ष धर्मदेव उपाध्याय ने पहाड़ी ब्लॉक स्थित ददरी खुर्द पावर प्लांट में भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय नुकसान का मुद्दा उठाया। अनिल कुमार सिंह ने चुनार में कोल्ड स्टोरेज की स्थापना की मांग की, जबकि युवा जिलाध्यक्ष अरुण कुमार सिंह ने रामपुर कामता माइनर को पूरा कराने, क्षतिग्रस्त पुलिया की मरम्मत और खेल मैदान के सुंदरीकरण की मांग रखी।
डीएम ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि “किसान हमारे अन्नदाता हैं, उनकी समस्याओं का समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता पर होना चाहिए।”
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार, उप कृषि निदेशक विकेश कुमार सहित सिंचाई, नहर और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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